मधेपुरा (बिहार): आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए आज मधेपुरा समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मधेपुरा के जिलाधिकारी (DM) श्री अभिषेक रंजन ने की। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण इलाकों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और विकासात्मक समस्याओं से जुड़े कुल 41 आवेदन जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को डीएम की सख्त चेतावनी
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने एक-एक कर सभी आवेदकों की समस्याओं को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना। मामलों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को हर एक मामले का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।
”जनसुनवाई शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच है। आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— श्री अभिषेक रंजन, जिलाधिकारी, मधेपुरा
सुशासन और पारदर्शिता पर जिला प्रशासन का जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मधेपुरा जिला प्रशासन सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम कर रहा है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन तय समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर किया जाए ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। इस पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी (मॉनीटरिंग) की जा रही है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और जनोन्मुख बनाया जा सके।






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