मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा मंडल कारा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विचाराधीन कैदी दीपक कुमार (पिता- रंजन पासवान) की मंगलवार को इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। मृतक नगर परिषद क्षेत्र के भीरखी वार्ड संख्या-24 का निवासी था। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा और नारेबाजी की।
परिजनों का गंभीर आरोप: ‘जेल में हुई मारपीट, मौत के बाद दी सूचना’
घटना को लेकर मृतक दीपक के परिजनों का सीधा आरोप है कि जेल के अंदर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। परिजनों ने कहा, “दीपक की तबीयत बिगड़ने की सूचना हमें बेहद देर से दी गई। मंगलवार की सुबह जब जेल प्रशासन की सूचना पर हम जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज (JKTMCH) पहुंचे, तो वहां दीपक मृत अवस्था में पड़ा था।” परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज और सूचना मिलती तो दीपक की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल में नारेबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
कैदी की मौत की खबर फैलते ही सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और जेल प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार और सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस का बयान: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा।
घरेलू विवाद में 2 जून को ही किया था सरेंडर
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक दीपक कुमार पेशे से सब्जी विक्रेता था और अपने दो भाइयों व चार बहनों में सबसे छोटा था। इस साल फरवरी महीने में एक घरेलू विवाद के मामले में उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद उसने बीते 2 जून को ही कोर्ट में सरेंडर किया था। सरेंडर करने के महज कुछ ही दिनों के भीतर हुई इस मौत ने जेल सुरक्षा और प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।







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