मधेपुरा: मुरलीगंज में ‘सखी वार्ता’ का आयोजन, बाल विवाह रोकथाम और महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर

By Gaurav Kabir

Published on: 2 घंटे पहले

मधेपुरा :ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और समाज से कुरीतियों को मिटाने के उद्देश्य से मधेपुरा जिले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिला एवं बाल विकास निगम,

मधेपुरा :ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और समाज से कुरीतियों को मिटाने के उद्देश्य से मधेपुरा जिले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार और जिलाधिकारी मधेपुरा के निर्देशानुसार, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) के कर्मियों ने मुरलीगंज प्रखंड के रानीपट्टी, सिंगियान (वार्ड संख्या–07) में “सखी वार्ता” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।

​बाल विवाह और सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

​कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। सखी वार्ता के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि एक कानूनन अपराध भी है

  • ​बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य पर जोर दिया गया।
  • ​विवाह की वैधानिक आयु और ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम’ की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • ​लैंगिक हिंसा और दहेज प्रथा जैसी बुराइयों को समाज से खत्म करने पर गंभीर चर्चा हुई।

​महिलाओं को मिली इन प्रमुख सरकारी योजनाओं की जानकारी

​कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: महिलाओं के लिए नि:शुल्क गैस कनेक्शन।
  • राशन कार्ड योजना: गरीब परिवारों के लिए खाद्यान्न सुविधा।
  • विधवा पेंशन योजना: असहाय महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग।
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: बेटियों के विवाह हेतु सहायता राशि।
  • बेरोजगारी भत्ता योजना: शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार की जानकारी।
  • पोषण अभियान व आंगनवाड़ी सेवाएं: महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG): स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए।

​संकट के समय सहायता और हेल्पलाइन नंबर

​महिलाओं को सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी जागरूक किया गया। साइबर सुरक्षा, कौशल विकास और संकट की स्थिति में मिलने वाली कानूनी, चिकित्सा और पुलिस सहायता के बारे में बताया गया। महिलाओं को विशेष रूप से इन टोल-फ्री नंबरों को याद रखने की सलाह दी गई:

  • महिला हेल्पलाइन नंबर: 181
  • चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर: 1098

​कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त और जागरूक समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी इस पहल को ग्रामीण स्तर पर काफी सराहा जा रहा है।

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