पटना के 7 प्रखंडों में 1 जुलाई से शुरू होगी डिग्री कॉलेज की पढ़ाई: DM ने दिए भव्य तैयारी के निर्देश

By Gaurav Kabir

Published on: 3 घंटे पहले

​मुख्य बातें: ​पटना। राज्य सरकार के आदेश के आलोक में पटना जिला के डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों में आगामी 1 जुलाई से उत्सवी माहौल में उच्च शिक्षा (डिग्री) की पढ़ाई शुरू होने जा रही

मुख्य बातें:

  • ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत पटना जिला के 7 शिक्षा-वंचित प्रखंडों को मिलेगा तोहफा।
  • अस्थायी भवनों में बिजली, वाईफाई, आरओ पानी और सुरक्षा जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी बहाल।
  • स्थायी परिसरों के लिए 30 जून 2026 तक जमीन चिन्हित करने का अल्टीमेटम।

पटना। राज्य सरकार के आदेश के आलोक में पटना जिला के डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों में आगामी 1 जुलाई से उत्सवी माहौल में उच्च शिक्षा (डिग्री) की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इन प्रखंडों में अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी, खुसरूपुर, मनेर तथा संपतचक शामिल हैं।

​इस ऐतिहासिक पहल को लेकर जिलाधिकारी (DM), पटना द्वारा एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। बैठक में संबंधित 4 अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO), नवनियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विभिन्न तकनीकी विभागों (भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ) के कार्यपालक अभियंताओं सहित प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) ने भाग लिया।

‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’ के तहत बड़ी पहल

​जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में राज्य के कुल 211 डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में पढ़ाई शुरू की जा रही है, जिसमें पटना के ये 7 प्रखंड भी शामिल हैं।

​”1 जुलाई से पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करना हमारी प्राथमिकता है।”

जिलाधिकारी, पटना

अस्थायी भवनों में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएँ

​वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू संचालन के लिए अस्थायी भवनों का चयन किया गया है। डीएम ने पटना सदर, दानापुर, बाढ़ एवं पटना सिटी के SDO को प्राचार्यों के साथ मिलकर भवनों का स्वयं निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इन परिसरों में वित्तीय नियमों का पालन करते हुए निम्नलिखित सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी:

  • ​फर्नीचर, कंप्यूटर और हाई-स्पीड वाईफाई (Wi-Fi) व्यवस्था।
  • ​भवनों की मरम्मति, रंग-रोगन और साफ-सफाई।
  • ​शुद्ध पेयजल (RO), वाटर कूलर और महिला-पुरुष के लिए अलग शौचालय।
  • ​बिजली, पर्याप्त रोशनी, पंखे, कूलर और एसी (AC)।
  • ​सुगम रास्ता, परिसर की सुरक्षा और स्टेशनरी आइटम्स।

स्थायी भवन के लिए जमीन खोजने की समय-सीमा तय

​डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसरों के निर्माण के लिए जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से काम कर रहा है। सरकार के दिशा-निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ भूमि खोजी जा रही है। अपर समाहर्ता को संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) के माध्यम से 30 जून, 2026 तक उपयुक्त भूमि चिन्हित कर रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया गया है।

​इस पूरी प्रक्रिया के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारियों को और नियमित समीक्षा का जिम्मा उप विकास आयुक्त (DDC), पटना को सौंपा गया है।

💬 Comments
?

No comments yet. Be the first to comment!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.