राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) के अंतर्गत चतुर्थ निश्चय “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में जिलाधिकारी ने तैयारी तेज कर दी है। योजना के तहत राज्य में स्थापित किए जा रहे 211 नये डिग्री महाविद्यालयों में जिले के तीन प्रखंड—गायघाट, औराई एवं बोचहा—भी शामिल हैं, जहां 1 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। इन महाविद्यालयों के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।
ये डिग्री कॉलेज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई के रूप में संचालित होंगे। प्रारंभिक चरण में यहां हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र सहित छह विषयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधा उनके निकट उपलब्ध कराने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
महाविद्यालय को 1जुलाई से पठन पाठन शुरू करने, भवनों की मरम्मती से लेकर आवश्यक संसाधन से संपन्न करने हेतु जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में तीनों प्रखंडों में डिग्री कॉलेज संचालित करने के लिए विद्यालयों का चयन कर लिया गया है। इन विद्यालयों में भवन मरम्मती, फर्नीचर, शैक्षणिक संसाधन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी ताकि निर्धारित तिथि से नियमित पठन-पाठन शुरू कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ संयुक्त रूप से विद्यालयों का भ्रमण कर भवनों की स्थिति का आकलन करें। उन्होंने भवन मरम्मत, कक्षाओं की उपलब्धता, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने को कहा।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला योजना पदाधिकारी को आवश्यक सामग्री का प्राक्कलन तैयार कर शीघ्र निविदा प्रकाशित करने का निर्देश दिया। भवनों की मरम्मती एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्य कार्यपालक अभियंता, एलएईओ द्वारा कराये जाएंगे। वहीं संपूर्ण कार्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए उप विकास आयुक्त को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेजों की स्थापना को ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब विद्यार्थियों को स्नातक शिक्षा के लिए शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। कॉलेज उनके घर से 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध होगा, जिससे समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत होगी।
इस पहल से 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच होने से स्नातक स्तर पर नामांकन दर में वृद्धि होगी और अधिक युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
बेटियों की शिक्षा को मिलेगा नया संबल
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ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर दूरी और सुरक्षा संबंधी कारणों से लड़कियों की पढ़ाई बाधित हो जाती है। स्थानीय स्तर पर डिग्री कॉलेज उपलब्ध होने से अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा और बड़ी संख्या में छात्राएं स्नातक शिक्षा से जुड़ सकेंगी। इससे महिला शिक्षा को नया प्रोत्साहन मिलेगा और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
आर्थिक बोझ होगा कम
डिग्री कॉलेजों के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को हॉस्टल, किराए के कमरे, बस किराया तथा अन्य खर्चों से राहत मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को आसानी से स्नातक शिक्षा दिला सकेंगे। इससे शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पलायन में आएगी कमी
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उच्च शिक्षा के लिए छात्रों का अक्सर शहरों की ओर पलायन होता है। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिलेगी, जिससे शैक्षणिक पलायन कम होगा। पढ़े-लिखे युवा अपने क्षेत्र में रहकर सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे सकेंगे।
इससे ग्रामीण युवाओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
समग्र ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है। प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेजों की स्थापना से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा बल्कि सामाजिक जागरूकता, डिजिटल साक्षरता और सरकारी योजनाओं की पहुंच भी बढ़ेगी। जिले के गायघाट, औराई एवं बोचहा में डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू होने से पूरे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी तथा ग्रामीण युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नये द्वार खुलेंगे। 1 जुलाई से इन महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने के साथ ही जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक नये अध्याय की शुरुआत होगी।






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