पूर्णिया (25 मई 2026): बिहार में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। बिहार पुलिस ने ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स’ (CCTNS) के नवीनतम वर्ज़न CAS 1.0 के कार्यान्वयन का जिम्मा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) बिहार को सौंपा है।
इसी कड़ी में, राज्य भर में नवस्थापित 343 पुलिस थानों को इस आधुनिक सिस्टम से जोड़ने के लिए NIC बिहार द्वारा एक विशेष राज्यव्यापी कार्यशाला का आयोजन किया गया। पूर्णिया जिले में नव-पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों ने भी NIC पूर्णिया केंद्र से इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु और NIC का विज़न
कार्यशाला को संबोधित करते हुए बिहार राज्य के सूचना अधिकारी (SIO) डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारियों से सीधा संवाद किया।
- बिहार को अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य: डॉ. श्रीवास्तव ने CCTNS CAS 1.0 के सफल कार्यान्वयन के माध्यम से बिहार को देश का अग्रणी राज्य बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उनका विज़न है कि अन्य राज्य भी बिहार द्वारा विकसित बेहतरीन कार्यप्रणालियों, नवाचारों और सॉफ्टवेयर मॉडल का अनुसरण करें।
- राष्ट्रीय स्तर पर योगदान: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि NIC बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार कई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) का योगदान दिया है, और इस परियोजना में भी उच्च मानकों को बनाए रखा जाएगा।
प्रशिक्षण और रोलआउट की रणनीति
- NCRB की भागीदारी: कार्यशाला में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के प्रतिनिधियों ने भी विशेष सत्र आयोजित किए, जिसमें CCTNS CAS 1.0 की महत्वपूर्ण तकनीकी विशेषताओं और कार्यप्रणालियों का जीवंत प्रदर्शन (Demonstration) किया गया।
- कार्यान्वयन रणनीति: NIC बिहार के राज्य तकनीकी निदेशक (STD) श्री नवीन कुमार ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और परियोजना को जमीनी स्तर पर उतारने की ‘रोलआउट योजना’ साझा की।
- मॉड्यूल ट्रेनिंग: CCTNS CAS 1.0 के सभी तकनीकी मॉड्यूल्स पर गहन प्रशिक्षण संयुक्त निदेशक श्री राम भगवान सिंह, संयुक्त निदेशक श्री प्रदीप नायक और उप निदेशक श्री अभिषेक कुमार द्वारा दिया गया।

DIOs की भूमिका और पूर्णिया पुलिस की भागीदारी
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को सफल बनाने में बिहार के सभी जिला सूचना अधिकारियों (DIO) ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने तकनीकी सहयोग प्रदान करते हुए पुलिस कर्मियों को सिस्टम समझने में व्यावहारिक सहायता (Hands-on Support) दी।
पूर्णिया जिले में भी नव-पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों ने पूर्णिया NIC में उपस्थित होकर पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ इस ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। यह कार्यशाला राज्य भर में डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने और पुलिस थानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।






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