मधेपुरा:राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स’ (CCTNS) के नए संस्करण CAS 1.0 को लेकर एक दिवसीय लाइव प्रशिक्षण (Live Training) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला को बिहार के राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी (SIO) डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न जिलों से जुड़े प्रतिभागियों से संवाद करते हुए सभी नवस्थापित थानों में CCTNS CAS 1.0 परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लक्ष्य पर बल दिया। CCTNS CAS 1.0 के विभिन्न मॉड्यूल्स पर प्रशिक्षण सत्र श्री राम भगवान सिंह, संयुक्त निदेशक; श्री प्रदीप नायक, संयुक्त निदेशक; तथा श्री अभिषेक कुमार, उप निदेशक द्वारा संचालित किए गए।
इस महत्वपूर्ण डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तर से जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (DIO) श्री चंदन कुमार, अपर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (ADIO) श्री विवेकानंद, जिला रोलआउट प्रबंधक (DRM) दीपक कुमार एवं नेटवर्क इंजीनियर पीयूष कुमार एवं रवि कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं पुलिसकर्मी शामिल हुए। इस दौरान जिला स्तर से विशेष रूप से पुलिस उपाधीक्षक (DySP), जिले के सभी नए पुलिस थानों के थानाध्यक्ष (SHO), अनुसंधान अधिकारी (IO) तथा तकनीकी कार्यों के लिए चिन्हित कांस्टेबल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली जुड़े।

प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि स्थानीय स्तर पर उपस्थित NIC Madhepura की तकनीकी टीम के सहयोग से सभी पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के सिस्टम (कंप्यूटर) में CCTNS CAS 1.0 सॉफ्टवेयर का लाइव इंस्टॉलेशन भी कराया गया। इसके उपरांत सॉफ्टवेयर में डेटा एंट्री कराकर कार्य प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन के बाद सभी प्रतिभागियों को इस नए सिस्टम पर कार्य करने का लाइव व्यावहारिक अनुभव (Hands-on Training) भी प्रदान किया गया।
लाइव सत्र के दौरान मधेपुरा जिले के विभिन्न थानों से जुड़े अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों द्वारा सॉफ्टवेयर संचालन, डेटा एंट्री एवं नेटवर्क कनेक्टिविटी से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए। NCRB दिल्ली एवं NIC बिहार के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इन सभी तकनीकी एवं व्यावहारिक जिज्ञासाओं का त्वरित समाधान किया गया।
सॉफ्टवेयर के लागू होने से क्या होगा लाभ?
इस नए CAS 1.0 सॉफ्टवेयर के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद मधेपुरा जिले के सभी थानों में आपराधिक मामलों की ट्रैकिंग, एफआईआर (FIR) पंजीकरण एवं केस जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित एवं पारदर्शी हो जाएगी। डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालना तथा डेटा का आदान-प्रदान करना अब स्थानीय पुलिस के लिए अत्यंत सरल एवं प्रभावी होगा।
इस सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अब मधेपुरा जिला पुलिस तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त होकर अपराध नियंत्रण एवं त्वरित न्याय व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रही है।






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