पूर्णिया में ‘नो व्हीकल डे’ (No Vehicle Day) पर दिखा खास असर। प्रभारी डीएम श्री अंजनि कुमार सहित कई अधिकारियों ने साइकिल और टोटो से कार्यालय पहुंचकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
पूर्णिया:बिहार सरकार के निर्देशानुसार शुक्रवार को पूर्णिया जिले में “नो व्हीकल डे” (No Vehicle Day) का व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिला। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्णिया समाहरणालय और जिला स्तरीय कार्यालयों के वरीय अधिकारियों ने एक अनूठी और सराहनीय पहल की।
अधिकारियों ने अपने निजी और सरकारी वाहनों का त्याग करते हुए पैदल, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन और बैट्री चालित टोटो (ई-रिक्शा) के माध्यम से कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रभारी डीएम ने टोटो से पहुंचकर पेश की मिसाल
इस अभियान को मजबूती देते हुए पूर्णिया के प्रभारी जिला पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त (DDC) श्री अंजनि कुमार ने खुद एक बैट्री चालित टोटो रिक्शा से समाहरणालय पहुंचकर एक बेहतरीन मिसाल पेश की। उनके इस कदम ने न केवल सरकारी कर्मचारियों को बल्कि आम जनता को भी प्रेरित किया है।
समाहरणालय पहुंचने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए श्री अंजनि कुमार ने कहा, “नो व्हीकल डे का मुख्य उद्देश्य सिर्फ ईंधन बचाना नहीं है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक जलवायु संकट से निपटने के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करना है।”
‘नो व्हीकल डे’ के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- सरकारी निर्देश का पालन: बिहार सरकार के निर्देश पर पूर्णिया में इसे सख्ती और उत्साह से लागू किया गया।
- अधिकारियों की भागीदारी: वरीय अधिकारियों ने पैदल, साइकिल और ई-रिक्शा (टोटो) का इस्तेमाल किया।
- पर्यावरण के प्रति जागरूकता: यह पहल ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसे वैश्विक संकटों के प्रति एक सार्थक कदम है।







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